प्रकाशक Ajay Maken, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 22 July 2026

मौसम का पर्दा हटते ही बढ़ता प्रदूषण सरकार से हिसाब मांगता है।

आज दिल्ली का औसत AQI ऊपर से 68 दिखता है, पर मौसम का हिस्सा अलग करते ही यह 99 पर जा बैठता है, यानी असल हवा इससे भी बदतर है।

विश्लेषण की अवधि: 21 जुलाई सुबह 10 बजे से 22 जुलाई सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 15 जुलाई से 29 जुलाई 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 0.6 MB
हिंदी में। अवधि 128 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

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मौसम का हिस्सा निकाल देने पर भी दिल्ली का AQI पिछले साल से 22 अंक ऊपर बैठता है, यानी ज़मीनी हवा और बिगड़ी है। इसे सबसे ज़्यादा चढ़ा रहे हैं PM two point five, PM ten और sulphur dioxide। सात में से 6 प्रदूषकों में हालत या तो जस की तस है या और बदतर। यह चढ़ाव नीति की नाकामी है, मौसम की मेहरबानी नहीं।
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मौसम का असर निकाल देने के बाद भी दिल्ली के सभी 31 मिलान स्टेशन पिछले साल से बदतर हैं, औसतन 23 AQI अंक ऊपर। यह बिगड़ाव पूरे शहर में फैला है, कहीं कोई राहत नहीं।
Pollutant detail
मौसम का हिस्सा हटा देने पर PM two point five पिछले साल से 36 percent ऊपर बैठता है, यह चढ़ाव नीति की नाकामी है, मौसम की नहीं।
Pollutant detail
मौसम का हिस्सा हटा देने पर PM ten पिछले साल से 29 percent ऊपर ठहरता है, यह इज़ाफ़ा नीति की चूक है, मौसम की नहीं।
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आज की सबसे अहम बात यही है: मौसम का असर पूरी तरह निकाल देने के बाद भी दिल्ली का अपना PM ten लगातार 54 दिन से पिछले साल के ठीक इन्हीं दिनों के मुक़ाबले ऊपर टिका हुआ है। पूरे 54 दिन, मई से लेकर आज तक, किसी एक दिन भी यह पिछले साल के स्तर से नीचे नहीं आया। मौसम का हिस्सा अलग कर देने पर भी यह बिगड़ाव क़ायम रहता है। यह लगातार चलता, टिकाऊ बिगड़ाव है, और यही आज की असली कहानी है।
Worst station
सबसे बुरी हालत Wazirpur की है, मौसम का असर निकालने पर वहाँ AQI 130 और PM ten 143.8 micrograms, यानी WHO सीमा से 3.2 गुना ऊपर।
What it does to health
University of Chicago के Air Quality Life Index के अनुसार, दिल्ली की ज़हरीली हवा हर व्यक्ति की औसत आयु में से कई साल छीन लेती है।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें। पहली, PM ten के स्रोतों यानी निर्माण-धूल और सड़क-धूल, और PM two point five के स्रोतों यानी उद्योग, वाहन और बायोमास-दहन, दोनों पर बिना देर सख़्ती हो। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur का इलाक़ा, जहाँ PM ten 143.8 micrograms यानी WHO सीमा से 3.2 गुना ऊपर है और मौसम-मुक्त हवा पिछले साल से 1 अंक बिगड़ी है, वहाँ स्थानीय स्रोतों पर फ़ौरन कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी हो। तीसरी, ‘ख़राब’ से ऊपर वाले दिनों में जन-स्वास्थ्य protocol लागू किया जाए।
Against the WHO standard
दिल्ली के 45 में से 37 स्टेशन PM two point five की WHO सीमा के पार हैं, और 44 में से 34 स्टेशन PM ten की WHO सीमा के ऊपर हैं।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों — ख़ासकर NO2 — में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं — इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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