प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 27 August 2026

धुआँ स्रोत पर रुकता है, छिड़काव तो नाकामी का परदा है।

आज दिल्ली का औसत AQI 124 है, और मौसम का असर हटाने पर भी इसमें कोई सुधार नहीं दिखता।

16.3 लाख
दिल्लीवाले ख़राब या उससे बदतर हवा में
ख़राब या उससे बदतर पढ़ने वाले 2 स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में
7.8%
शहर की आबादी का हिस्सा
आज यही हवा ले रहे हैं
375
Anand Vihar
Very Poor

आज के कार्ड

गिनतीदो आँकड़ेआख़िरी कार्डचौड़ा कार्ड

आज इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर यही कार्ड गए। पूरा देखने के लिए किसी एक पर टैप कीजिए।

विश्लेषण की अवधि: 26 अगस्त सुबह 10 बजे से 27 अगस्त सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 20 अगस्त से 3 सितंबर 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.0 MB
हिंदी में। अवधि 126 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

Worst station
Anand Vihar आज सबसे नीचे है: AQI 375, ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी, और इसे चढ़ा रहा है PM ten। मौसम हटाकर देखें तो भी यहाँ की हवा पिछले साल से 11 अंक ख़राब है।
औसत पर मत जाइए। इस साल आम दिन पर दिल्ली के 13 मॉनिटर, यानी क़रीब हर तीसरा, AQI दो सौ के ऊपर दर्ज करते रहे; पिछले साल यह 30 प्रतिशत था। साँस शहर के औसत की नहीं, अपने मोहल्ले की हवा की ली जाती है।
44 में से 33 स्टेशन पर आज प्रमुख प्रदूषक PM ten ही है, शहर की हवा सबसे ज़्यादा यही बिगाड़ रहा है।
µg/m³ का हिसाब: Anand Vihar में PM two point five 103 micrograms, WHO से 7 गुना ऊपर; वहीं PM ten 409 micrograms, WHO से 9 गुना ऊपर।
Weather is not the excuse
मिक्सिंग ऊँचाई पिछले साल के 455.5 से गिरकर इस बार 294.2 मीटर रह गई; ऊँचाई घटते ही प्रदूषण नीचे घुटता है, ज़्यादा देर टिका और हवा बदतर दिखी। पर मौसम हटाकर देखें तो हवा पिछले साल जितनी ही ख़राब है; दिखे हुए बिगड़ाव में बड़ा हाथ मौसम का है।
Against the WHO standard
PM two point five में आज दर्ज हुए सभी 44 स्टेशन WHO सीमा के पार हैं, और PM ten में सभी 43 स्टेशन WHO ही नहीं, भारत के NAAQS मानक से भी ऊपर। दिल्ली ने आज जो PM two point five साँस में लिया, वह WHO की सुरक्षित सीमा से 3.4 गुना ऊपर था; मौसम हटाने पर भी 2.1 गुना ऊपर।
आज दिल्ली के 1 स्टेशनों पर हवा 'ख़राब' या उससे भी बदतर दर्ज हुई। उनके चार किलोमीटर के घेरे में रहते हैं 3 लाख लोग, यानी दिल्ली की 1 प्रतिशत आबादी। किसी स्टेशन की रीडिंग चार किलोमीटर तक के इलाक़े की हवा मानी जाती है।
What it does to health
इस हवा में साँस और दिल के मरीज़ों, बच्चों और बुज़ुर्गों की तकलीफ़ बढ़ेगी।
What we are asking for
सरकार से तीन माँगें: पहली, PM ten के स्रोत (निर्माण-धूल और सड़क-धूल) पर आज ही सख़्ती। दूसरी, मौसम-मुक्त PM ten में सबसे ख़राब Wazirpur में स्थानीय स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई और स्वास्थ्य-चेतावनी। तीसरी, AQI लक्ष्य WHO मानकों की ओर कठोर हों।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों, ख़ासकर NO2, में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं, इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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