प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 30 August 2026

तारीख़ आगे बढ़ा देने से चिमनी का धुआँ पीछे नहीं हटता।

आज दिल्ली का औसत AQI 129 है, और मौसम का असर हटाने पर भी इसमें कोई सुधार नहीं दिखता।

443
सबसे ख़राब स्टेशन पर एक्यूआई
Anand Vihar, गंभीर, PM10
+14
एक्यूआई अंक पिछले साल से बदतर
Anand Vihar, मौसम का असर हटाकर
27.7 लाख
दिल्लीवाले ख़राब या उससे बदतर हवा में
ख़राब या उससे बदतर पढ़ने वाले 2 स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में

आज के कार्ड

गिनतीसबसे ख़राब स्टेशनचार किलोमीटर के दायरे के लोगस्टेशनों का फैलावआख़िरी कार्डचौड़ा कार्ड

आज इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर यही कार्ड गए। पूरा देखने के लिए किसी एक पर टैप कीजिए।

विश्लेषण की अवधि: 29 अगस्त सुबह 10 बजे से 30 अगस्त सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 23 अगस्त से 6 सितंबर 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.0 MB
हिंदी में। अवधि 64 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

आज का सबसे ख़राब स्टेशन Anand Vihar रहा, जहाँ AQI 443 दर्ज हुआ। इस स्टेशन के चार किलोमीटर के दायरे में 14 लाख लोग रहते हैं। यह किसी औसत का आँकड़ा नहीं, इतने लोगों की साँस का हिसाब है।
और यह सिर्फ़ औसत का सवाल नहीं है। इस साल औसत दिन पर दिल्ली के अपने 13 मॉनिटर, यानी क़रीब हर तीसरा मॉनिटर, AQI दो सौ के ऊपर पढ़ते रहे। पिछले साल यह 30 प्रतिशत था। शहर का औसत कोई नहीं पीता, हर कोई अपने इलाक़े की हवा पीता है।
आज दिल्ली के 2 स्टेशनों पर हवा 'ख़राब' या उससे भी बदतर रही। इन स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में 28 लाख लोग रहते हैं, यानी दिल्ली की 13 प्रतिशत आबादी। चार किलोमीटर वही सीमा है जहाँ तक एक स्टेशन की रीडिंग उसके आसपास की हवा मानी जाती है।
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