प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 01 September 2026

हर स्टेशन एक ही गवाही दे रहा है, और नाकामी नीति की है।

आज दिल्ली का औसत AQI 118 है, और मौसम का असर हटाने पर भी इसमें कोई सुधार नहीं दिखता।

225
सबसे ख़राब स्टेशन पर एक्यूआई
Wazirpur, ख़राब, PM10
+1
एक्यूआई अंक पिछले साल से बदतर
Wazirpur, मौसम का असर हटाकर
14.1 लाख
दिल्लीवाले ख़राब या उससे बदतर हवा में
ख़राब या उससे बदतर पढ़ने वाले 1 स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में

आज के कार्ड

गिनतीदो आँकड़ेसबसे ख़राब स्टेशनचार किलोमीटर के दायरे के लोगस्टेशनों का फैलावआख़िरी कार्डचौड़ा कार्ड

आज इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर यही कार्ड गए। पूरा देखने के लिए किसी एक पर टैप कीजिए।

विश्लेषण की अवधि: 31 अगस्त सुबह 10 बजे से 1 सितंबर सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 25 अगस्त से 8 सितंबर 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.1 MB
हिंदी में। अवधि 57 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

आज दिल्ली के 1 स्टेशनों पर हवा 'ख़राब' या उससे भी बदतर रही। इन स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में 14 लाख लोग रहते हैं, यानी दिल्ली की 7 प्रतिशत आबादी। चार किलोमीटर वही सीमा है जहाँ तक एक स्टेशन की रीडिंग उसके आसपास की हवा मानी जाती है।
Against the WHO standard
आज दर्ज हुए 42 में से 39 स्टेशन PM two point five के WHO सीमा से ऊपर; 42 में से 42 स्टेशन PM ten के WHO सीमा से ऊपर। मौसम का असर हटाने पर दिल्ली का अपना PM two point five WHO की सुरक्षित सीमा से 2.2 गुना ऊपर बैठता है; आज साँस में 1.9 गुना गया।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों, ख़ासकर NO2, में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं, इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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