प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 03 September 2026

सरकार का फ़ीसदी छुपाता है कि हवा WHO की हद से कितनी गुनी है।

आज दिल्ली का औसत AQI दिखने में 78 है, पर मौसम का असर हटाने पर यह 81 बैठता है, यानी असल में उससे भी ख़राब।

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सबसे ख़राब स्टेशन पर एक्यूआई
Aya Nagar

आज के कार्ड

गिनतीसबसे ख़राब स्टेशनचार किलोमीटर के दायरे के लोगस्टेशनों का फैलावआख़िरी कार्डचौड़ा कार्ड

आज इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर यही कार्ड गए। पूरा देखने के लिए किसी एक पर टैप कीजिए।

विश्लेषण की अवधि: 2 सितंबर सुबह 10 बजे से 3 सितंबर सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 27 अगस्त से 10 सितंबर 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.1 MB
हिंदी में। अवधि 53 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

और यह सिर्फ़ औसत का सवाल नहीं है। इस साल औसत दिन पर दिल्ली के अपने 12 मॉनिटर, यानी क़रीब हर तीसरा मॉनिटर, AQI दो सौ के ऊपर पढ़ते रहे। पिछले साल यह 29 प्रतिशत था। शहर का औसत कोई नहीं पीता, हर कोई अपने इलाक़े की हवा पीता है।
आज शहर की हवा को सबसे ज़्यादा PM ten ख़राब कर रहा है, 43 में से 24 स्टेशन पर यही प्रमुख प्रदूषक है।
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