प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 07 September 2026

मौसम हटाने पर जो बचता है, वही नीति की नाकामी है।

आज दिल्ली का औसत AQI 91 है, और मौसम का असर हटाने पर भी इसमें कोई सुधार नहीं दिखता।

36 / 40
स्टेशन WHO सीमा के पार
PM2.5, आज रिपोर्ट करने वाले स्टेशनों में से
2.1×
WHO सीमा से गुना
शहर का औसत, मौसम का असर हटाकर
4 / 42
स्टेशन राष्ट्रीय सीमा के पार
PM10, आज रिपोर्ट करने वाले स्टेशनों में से

आज के कार्ड

गिनतीसबसे ख़राब स्टेशनचार किलोमीटर के दायरे के लोगस्टेशनों का फैलावआख़िरी कार्डचौड़ा कार्ड

आज इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर यही कार्ड गए। पूरा देखने के लिए किसी एक पर टैप कीजिए।

विश्लेषण की अवधि: 6 सितंबर सुबह 10 बजे से 7 सितंबर सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 31 अगस्त से 14 सितंबर 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.1 MB
हिंदी में। अवधि 57 सेकंड।

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

सबसे चिंताजनक बात: दिल्ली का AQI पिछले साल इन्हीं दिनों के मुक़ाबले 10 अंक बढ़ गया है। हवा सुधरने के बजाय बिगड़ी है।
इस साल अब तक की पूरी तस्वीर देखिए, सिर्फ़ औसत नहीं। साल का सबसे साफ़ चौथाई हिस्सा 91 से 108 पर पहुँच गया है, यानी जो दिन पहले सबसे साफ़ थे, वे भी मैले हुए हैं। पिछले साल की इन्हीं तारीखों के मुक़ाबले साल का बीच का दिन 144 से 154 पर पहुँचा है, और सबसे ख़राब दसवाँ हिस्सा 291 से 301 पर। यानी जिन दिनों में साँस लेना सबसे मुश्किल होता है, वे वहीं के वहीं हैं। गिनती के दिन बढ़े हैं, हवा उतनी ही ख़राब है।
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