प्रकाशक श्री अजय माकन, Member of Parliament, Rajya Sabha. सीपीसीबी के सरकारी आँकड़ों का स्वतंत्र विश्लेषण। आँकड़ों का संकलन CREA द्वारा। जागरूकता के उसके प्रयासों के लिए हमारा आभार। इस साइट में CREA की कोई भागीदारी नहीं है। संपर्क: [email protected]

रिपोर्ट · 19 September 2026

सरकार बताए कहाँ क्या किया, 14 स्टेशन पर AQI चढ़ा।

आज दिल्ली का औसत AQI 112 है, और मौसम का असर हटाने पर भी इसमें कोई सुधार नहीं दिखता।

162.2 लाख
दिल्लीवाले ख़राब या उससे बदतर हवा में
ख़राब या उससे बदतर पढ़ने वाले 29 स्टेशनों के चार किलोमीटर के दायरे में
77.5%
शहर की आबादी का हिस्सा
आज यही हवा ले रहे हैं
196
Pusa
Moderate

आज के कार्ड

सबसे ख़राब स्टेशन — Wazirpur AQI 156 (सीधे नापी गई)28% of Delhi's reporting monitors (11.6 of 43.1) read above AQI 200 onAQI कल से 17 अंक बढ़ाअसमानता — 14 स्टेशन साल-दर-साल बिगड़े (Pusa +96)स्वास्थ्य चेतावनी — CPCB (Moderate)

आज इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप पर यही कार्ड गए। पूरा देखने के लिए किसी एक पर टैप कीजिए।

विश्लेषण की अवधि: 18 सितंबर सुबह 10 बजे से 19 सितंबर सुबह 10 बजे तक
तुलना का आधार: 12 सितंबर से 26 सितंबर 2025

आज की पूरी रिपोर्ट

लगभग बारह पन्ने: आज की हवा का फ़ैसला, हर निगरानी स्टेशन, मौसम बनाम नीति का हिसाब, पूरे साल का मौसम-मुक्त रुझान, और हर आँकड़े के पीछे के अनुबंध।

रोज़ की रिपोर्ट डाउनलोड करेंPDF, 4.1 MB

निष्कर्ष

आज की रिपोर्ट क्या कहती है

37 में से ज़्यादातर स्टेशन कल से बदतर हैं। आज दिल्ली का AQI कल के मुक़ाबले 17 अंक चढ़ा।
साँस शहर के औसत में नहीं, अपने इलाक़े की हवा में लेते हैं। इस साल औसतन रोज़ दिल्ली के 12 मॉनिटर, यानी क़रीब हर तीसरा, AQI दो सौ से ऊपर रहे। पिछले साल यह हिस्सा 28 प्रतिशत था। इसलिए सिर्फ़ औसत से बात नहीं बनती।

एक सावधानी, जो हम रोज़ छापते हैं

गैस आँकड़ों, ख़ासकर NO2, में अंतरराष्ट्रीय शोध ने इकाई-संबंधी गड़बड़ियाँ पाई हैं; PM2.5 और PM10 भरोसेमंद हैं, इसलिए आज का आकलन इन्हीं पर केंद्रित है।

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